रात के ठीक बारह बजे, जब मैं अर्द्धनिद्रा में लेटा हुआ था, मेरे सात व्यक्तित्व एक जगह आ बैठे और आपस में बतियाने लगे : पहला बोला – “इस पागल आदमी में रहते हुए इन वर्षों में मैंने इसके दिन दु:खभरे और रातें विषादभरी बनाने में कोई कसर बाकी नहीं …
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एक वृद्ध संत ने अपने जीवन की अंतिम घड़ीयों को नज़दीक देख अपने बच्चों को अपने …
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एक राजा, वह जब भी मंदिर जाता, तो 2 भिखारी उसके दाएं और बाएं बैठा करते। …
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एक व्यक्ति ने अपने मित्र से कहा, मैं आपसे बहुत प्रेम करता हूँ। उसने पूछा कि …
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बुराई की ऊपरी कांट-छांट से वह नहीं मिटती,उसे तो उसकी जड़ से मिटाना होता है। जब …
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एक समय एक राज्य में राजा ने घोषणा की कि वह राज्य के मंदिर में पूजा …
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एक बार एक अमीर सेठ के यहाँ एक नौकर काम करता था। अमीर सेठ अपने नौकर …
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एक गाँव में एक बढ़ई रहता था। वह शरीर और दिमाग से बहुत मजबूत था। एक …
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सड़क किनारे एक बुढिया अपना ढाबा चलाती थी। एक मुसाफिर आया। दिन भर का थका, उसने …
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सुन्दर घने वन में खड़े एक वृक्ष के साथ लिपटी एक लता धीरे – धीरे वृक्ष …