दो आदमी यात्रा पर निकले। दोनों की मुलाकात हुई। दोनों यात्रा में साथ हो गए। सात दिन बाद दोनों के पृथक होने का समय आया तो एक ने कहा, ‘भाईसाहब! एक सप्ताह तक हम दोनों साथ रहे। क्या आपने मुझे पहचाना?’ दूसरे ने कहा, ‘नहीं, मैंने तो नहीं पहचाना।’ वह …
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एक राजा बहुत अधिक बोलता था। उसका मन्त्री विद्वान् और हितचिन्तक था। इसलिये सोचता रहता था …
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एक सेठ बड़ा धनवान था। उसे अपने ऐश्वर्य धन सम्पत्ति का बड़ा अभिमान था। अपने को …
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एक संत ने एक विश्व-विद्यालय आरंभ किया। इस विद्यालय का प्रमुख उद्देश्य था ऐसे संस्कारी युवक-युवतियों …
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एक सन्त कुएं पर स्वयं को लटका कर ध्यान किया करते थे और कहते थे, जिस …
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एक घने जंगल में एक इच्छा पूर्ति वृक्ष था, उसके नीचे बैठ कर कोई भी इच्छा …
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एक साधु था। वह रोज घाट के किनारे बैठकर चिल्लाया करता था, ‘जो चाहोगे सो पाओगे, …
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पुरानी साड़ियों के बदले बर्तनों के लिए मोल भाव करती एक सम्पन्न घर की महिला ने …
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दो भाई थे। परस्पर बडे़ ही स्नेह तथा सद्भावपूर्वक रहते थे। बड़े भाई कोई वस्तु लाते …
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एक बार गुरूजी सत्संग कर रहे थे। उन्होंने दृष्टान्त देते हुए कहा कि जन्म से मृत्यू …